कहानी : गोपाल और अमरूद का पेड़ ( दोस्तों की परख ) .
कहानी : गोपाल और अमरूद का पेड़ ( दोस्तों की परख ) .
मकंदपुर गांव में गोपाल नाम का एक लड़का अपने घर में अकेला रहता था . गोपाल के माता - पिता का स्वर्गवास , गोपाल जब छोटा था तभी हो गया था .
गोपाल के घर में अमरूद के चार बड़े - बड़े पेड़ थे जिन पर ढेरों अमरूद आते थे और गोपाल उन्हें बेच कर साल भर खुशी से रहता था . गोपाल बहुत मिलनसार लड़का था . गांव के बहुत से लड़के गोपाल के दोस्त थे . गोपाल सभी से बात कर लेता था और सभी को अपना दोस्त बना लेता था .
सब कुछ अच्छा चल रहा था . अमरूद का भी सीजन आ चुका था .और पेड़ों पर ढेरों अमरूद लग चुके थे.
लेकिन अचानक गोपाल बीमार पड़ गया और धीरे - धीरे कमजोर होने लगा . इसलिए अब वह अपना पूरा समय घर पर ही बिताता था . गोपाल ने जो धन इक्कठा किया था वो भी धीरे - धीरे ख़त्म होने लगा और साथ ही गोपाल के घर का राशन भी .
एक दिन कुछ दोस्त गोपाल से मिलने उसके घर आए , तब गोपाल बहुत खुश हुआ . उसने सोचा दोस्तों से अमरूद बाजार में बिकवा कर पैसा बराबर - बराबर बांट लेंगे , जिससे उसके घर का राशन और दवाएं आ जाएंगी.
लेकिन गोपाल के दोस्त , कमरे के अंदर आने से पहले ही उसके घर के बाहर रुक गए और पेड़ों पर चढ़ कर पेड़ों पर लगे अमरूद बर्बाद करने लगे . ये देखकर गोपाल को बहुत बुरा लगा और उसे समझ में आ चुका था कि उसने अपने जीवन में क्या गलती की ?.
अब वो सोचने लगा कि काश : हर किसी को अपने जीवन का हिस्सा व दोस्त बनाने से पहले उसने थोड़ा परख लिया होता , तो अब इस बीमारी में उसकी मदद के लिए कोई तो होता .



Comments
Post a Comment